Breakup Shayari

Bewafa Shayari in Hindi || बेवफा शायरी

Bewafa Shayari – धोखा हमेशा विश्वास में लिपटा रहता है । जहां विश्वास होगा धोका भी वहीं मिलेगा , अविश्वास करने वाले व्यक्ति धोखा बहुत कम खाते हैं और खाते भी है तो तकलीफ बहुत कम होती हैं ।

उसी तरह प्रेम करते हुए इस बात के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए कि जरूरी नहीं प्रेम में हमेशा वफा ही मिले , बेवफ़ाई भी मोहब्बत का एक परिणाम है । शायर इस बात को कई तरह से समझते हैं । शेरो – शायरी की इस श्रृंखला में आज हम आपके लिए कुछ Bewafa Shayari in Hindi लेकर आए हैं ।

इंसान को तकलीफ़ तब नहीं होती जब कोई अपना दूर चला जाता है , तकलीफ़ तो तब होती है जब कोई अपना पास रह कर भी दूर होने लगता है । अकसर हम उन लोगों से बात करना पसंद करते हैं , जिनको हम में कोई इंटरेस्ट नहीं होता । वक़्त तो वक़्त पर बदलता है , मगर इंसान तो किसी भी वक़्त बदल जाता है । कोई और तकलीफ़ देता है तो गुस्सा नहीं आता , पर कोई अपना तकलीफ़ देता है तो गुस्से के साथ रोना भी आ जाता है ।

दर्द सहते – सहते इंसान हसना ही नहीं रोना भी भूल जाता है । अगर किसी चीज़ पर ध्यान ना दो तो वो चीज हाथ से निकल जाती हैं । चाहे वो आपका वक़्त हो या फिर आपका कोई चाहने वाला , कभी – कभी जिंदगी उस मोड़ पर ले आती हैं कि इंसान को उस गलती की भी माफी मांगनी पड़ जाती है जो उसने करी ही नहीं होती ।

Bewafa Shayari || बेवफा शायरी

जब हम किसी से मोहब्बत करने लग जाए और वो हमसे बेवफ़ाई करने लगे तो ये दिल क्या कहता है सुनिए जरा, प्यार वो हमसे बेपनाह कर गए , फिर ज़िन्दगी में हमको तन्हा कर गए … चाहत थी उनके प्यार में फना हो जाने की , पर वो लौट कर आने को मना कर गए । मोहब्बत जब लौट कर आने से मना कर दे , तो तन्हा रहना बड़ा मुश्किल हो जाता है । उस मुश्किल के पलों में जो यादें होती है , मेहबूब की बातें होती है , इन आंखों में आसूं नजर आए देखे ना होते तो वो पीछे मुड कर मुस्कुराए ना होते , उनके जाने के बाद बस यही गम रहा कि काश वो हमारी ज़िंदगी में आए ना होते ।

Bewafa Shayari

कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर,
एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था…

रहता तो नशा तेरी यादों का ही है,
कोई पूछे तो कह देता हूँ पी राखी है।

मत पूछ मुझे………, क्या गम है!
तेरे वादे पे ज़िंदा हूँ, क्या कम है!!

वो सोचती होगी बड़े चैन से सो रहा हूँ मैं,
उसे क्या पता ओढ़ के चादर रो रहा हूँ मैं।

मुझे जिस चिराग से प्यार था…
मेरा सब कुछ उसी ने जला दिया…

निकाल दिया उसने हमें अपनी जिंदगी से,
भीगे कागज़ की तरह, न लिखने के काबिल छोड़ा न जलने के।

हम तो नरम पत्तों की शाख़ हुआ करते थे,
छीले इतने गए कि “खंज़र ” हो गए…

वजह तक पूछने का मौका ही ना मिला,
बस लम्हे गुजरते गए और हम अजनबी होते गए।

निकले हम दुनिया की भीड़ में तो पता चला की…
हर वह शख्स अकेला है, जिसने मोहब्बत की है!

अब मोहब्बत नहीं रही इस जमाने में,
क्योंकि लोग अब मोहब्बत नहीं मज़ाक किया करते है।

पलकों की हद तोड़ के, दामन पे आ गिरा,
एक आसूं मेरे सब्र की, तोहीन कर गया।

अच्छा है आँसुओं का रंग नहीं होता,
वरना सुबह के तकिये रात का हाल बयां कर देते।

टूटे हुए दिल भी धड़कते है उम्र भर,
चाहे किसी की याद में या फिर किसी
फ़रियाद में!! टूट कर चाहना और फिर टूट जाना,
बात छोटी है मगर जान निकल जाती है।

हर दर्द का इलाज़ मिलता था जिस बाज़ार में,
मोहब्बत का नाम लिया तो दवाख़ाने बन्द हो गये!!
अभी एक टूटा तारा देखा, बिलकुल मेरे जैसा था,
चाँद को कोई फर्क न पड़ा, बिलकुल तेरे जैसा था।

bewafa shayari in hindi

छोड़कर अपनी यादों की निशानियां मेरे दिल में,
वो भी चले गये वक्त की तरह।

सजा ये है की बंजर जमीन हूँ मैं,
और जुल्म ये है की बारिशों से इश्क़ हो गया।

तरस आता है मुझे अपनी, मासूम सी पलकों पर,
जब भीग कर कहती हैं कि अब, रोया नहीं जाता।
फ़रियाद कर रही है तरसी हुई निगाहें,
किसी को देखे एक अरसा हो गया।

न ज़ख्म भरे, न शराब सहारा हुई, न वो वापस लोटी,
न मोहब्बत दोबारा हुई.. हमें देख कर जब उसने मुँह मोड़ लिया,
एक तसल्ली हो गयी चलो पहचानते तो हैं।

मैं तो रह लूंगा तुझसे बिछड़ कर तन्हा भी,
बस दिल का सोचता हूँ, कहीं धडकना न छोड़ दे!!
सिर्फ हम ही है तेरे दिल में,
बस यही गलतफहमी हमें बर्बाद कर गई।

छोड़ दिया हमने तेरे ख्यालों में जीना,
अब हम लोगों से नहीं, लोग हमसे मोहब्बत करते है।
मोहब्बत नही तो मुकदमा हि दायर कर दे जालिम,
तारीख दर तारीख तेरा दीदार तो होगा।

मुस्कुराने की आदत भी कितनी महँगी पड़ी हमे,
छोड़ गया वो ये सोच कर की हम जुदाई मे भी खुश हैं!!

दुआ करना दम भी उसी तरह निकले,
जिस तरह तेरे दिल से हम निकले।

तलब ऐसी कि अपनी सांसों में समा लू तुझे,
किस्मत ऐसी कि देखने को भी मोहताज हूँ तुझे!!
दर्द मुझको ढूंढ लेता है, रोज नए बहाने से, वो हो गया वाकिफ़,
मेरे हर ठिकाने से।

रहेगा किस्मत से यही गिला ज़िंदगी भर,
जिसको पल-पल चाहा उसी को पल-पल तरसे!!
कत्ल हुआ हमारा इस तरह किस्तों में,
कभी खंजर बदल गए, कभी कातिल बदल गए।

कल रात का आलम इस कदर था यारो,
उसकी यादों ने मेरी आँखो को सोने ना दिया!!
रात तकती रही आँखो में, दिल आरजू करता रहा,
कोई बे-सबर रोता रहा, कोई बे-खबर सोता रहा..!!

बहुत मासूम होते है ये आँसू भी,
ये गिरते उनके लिए है, जिन्हें परवाह नहीं होती।
खता उनकी भी नहीं है वो क्या करते,
हजारों चाहने वाले थे किस-किस से वफ़ा करते।

चले जायेंगे एक दिन, तुझे तेरे हाल पर छोड़कर…
कदर क्या होती हैं प्यार की, तुझे वक़्त ही सीखा देगा…
माफ़ी चाहता हूँ गुनेहगार हूँ तेरा ऐ दिल,
तुझे उसके हवाले किया जिसे तेरी कदर नहीं।

न जाने कौन सी साजिशों के हम शिकार हुए,
जितना साफ दिल रखा उतने ही हम दागदार हुए।

शायरी के लिए कुछ ख़ास नहीं चाहिए,
एक यार चाहिए और वो भी दगाबाज चाहिए।

लगता है मैं भूल चुका हूँ, मुस्कुराने का हुनर,
कोशिश जब भी करता हूँ, आँसू निकल आते हैं..!
शीशे में डूब कर, पीते रहे उस “जाम” को,
कोशिशें तो बहुत की मगर, भुला ना पाए एक “नाम” को।

ख्वाहिश तो न थी किसी से दिल लगाने की,
पर किस्मत में दर्द लिखा हो तो मुहब्बत कैसे ना होती।
किस्मत की किताब तो खूब लिखी थी मेरी खुदा ने,
बस वही पन्ना गुम था जिसमें मुहब्बत का जिक्र था।

लगा कर आग सीने में, चले हो तुम कहाँ,
अभी तो राख उड़ने दो, तमाशा और भी होगा।
अपना बनाकर फिर कुछ दिनों में बेगाना बना दिया,
भर गया दिल हमसे और मजबूरी का बहाना बना दिया।

आदत बदल सी गई है वक्त काटने की,
हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की।
तन्हाई की चादर ओढ़कर रातों को नींद नहीं आती हमें,
गुजर जाती है हर रात किसी की बातों को याद करते करते।

मैं अक्सर रात में यूं ही सड़क पर निकल आता हूँ,
यह सोचकर की कहीं ,
चाँद को तन्हाई का अहसास न हो।
हमने उतार दिए सारे कर्ज तेरी मुहब्बत के,
अब हिसाब होगा तो सिर्फ तेरे दिए हुए जख्मों का।

लिखी है खुदा ने मोहब्बत सबकी तक़दीर में,
हमारी बारी आई तो स्याही ही ख़त्म हो गई!!
बिखरती रही जिंदगी बूँद-दर-बूँद,
मगर इश्क़ फिर भी प्यासा रहा।

जुल्म के सारे हुनर हम पर यूँ आजमाये गये,
जुल्म भी सहा हमने, और जालिम भी कहलाये गये!!
सुना था मोहब्बत मिलती है, मोहब्बत के बदले,
हमारी बारी आई तो, रिवाज ही बदल गया।

दुनिया फ़रेब करके हुनरमंद हो गई…
हम ऐतबार करके गुनाहगार हो गए…
कैसे दूर करूँ ये उदासी, बता दे कोई,
लगा के सीने से काश, रुला दे कोई।

शुक्र करो कि हम दर्द सहते हैं, लिखते नहीं।
वरना कागजों पर लफ़्ज़ों के जनाज़े उठते।

माना मौसम भी बदलते है मगर धीरे-धीरे,
तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है।

ज़िन्दगी की हर शाम, हसीन हो जाए…
अगर मेरी मोहब्बत मुझे, नसीब हो जाये…

लम्हा दर लम्हा साथ, उम्र बीत ज़ाने तक,
मोहब्बत वहीं हैं ज़ो चले, मौत आने तक…

Bewafa Shayari Hindi

चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर,
ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हमसे होगा नहीं।

जब कभी फुर्सत मिले मेरे दिल का बोझ उतार दो,
मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे कोई शाम उधार दो।

अजब चिराग हूँ दिन-रात जलता रहता हूँ,
थक गया हूँ मैं हवा से कहो बुझाए मुझे।

ना वो सपना देखो जो टूट जाये,
ना वो हाथ थामो जो छुट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उससे दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये|

आदतन तुम ने कर दिए वादे
आदतन हम ने ऐतबार किया
तेरी राहो में बारहा रुक कर
हम ने अपना ही इंतज़ार किया
अब ना मांगेंगे जिंदगी या रब
ये गुनाह हम ने एक बार किया

अपनी तन्हाई में तनहा ही अच्छा हूँ मुझे ज़रूरत नहीं दो पल के सहारो की

जिंदगी से सिकवा नहीं की उसने गम का आदी बना दिया गिला तो उनसे है
जिन्होंने रौशनी की उम्मीद दिखा के दीया ही बुझा दिया

जरूरी नहीं जो ख़ुशी दे उसी से मोहब्बत हो
प्यार तो अक्सर दिल तोड़ने वाले से भी हो जाता है

हर दर्द से बड़ा होता है ये जुदाई का दर्द क्योंकि
इसमें एक लम्हा जीने के लिए सौ बार मरना पड़ता है

इतना भी दर्द न दे ऐ जिंदगी इश्क़ ही
किया था कोई क़त्ल तो नहीं

Bewafa Shayari

ये मोहब्बत के हादसे अक्सर दिलों को तोड़ देते हैं !
तुम मंजिल की बात करते हो लोग राहों में ही साथ छोड़ देते हैं।

👉बेगाना👈 हमने तो नहीं किया 💎किसी💎 को 💔💔लेकिन
👉जिसका दिल भरता गया👈 वो दूर होता गया…!!!

मैं लोगों से मुलाक़ातों के लम्हें याद रखता हूँ!
मैं बातें भूल भी जाऊं पर लहज़े याद रखता हूँ!

जरा सा हट के चलता हूँ ज़माने की रवायत से
जो सहारा देते हैं वो कन्धे हमेशा याद रखता हूँ!!

इस जमाने में 👉वफ़ा👈 की तलाश न कर मेरे दोस्त, 💔💔वो वक़्त और था
जब 💎मकान कच्चे💎 और 👉लोग सच्चे👈 हुआ करते थे…!!!

जो भूल गया है उसे भुला देते है।
चलो इन तस्वीरों को चुम कर जला देते है।

है अगर हमारी कोई खता तो साबित कर,
अगर बुरे हैं हम तो बुरा साबित कर,
तुझा चाहा है हमने कितना तो किया जाने,
चल हम बेवफा ही सही तो अपनी वफ़ा साबित कर!!!

समझ न सके उन्हें हम,
क्योकि हम प्यार के नशे में चूर थे,
अब समझ में आया जिसपे हम जान लुटाते थे,
वो दिल तोड़ने के लिए मशहूर थे!!!

कभी कभी किसी का 👉ध्यान आकर्षित👈 करने का सबसे 💎बेहतर💎
तरीका होता है की, 💔💔उस व्यक्ति पर ध्यान न देना…!!!

हमने ये नहीं कहा की उसके लिए कोई दुआ मांगे
बस इतना कह्ते है की दुआ में कोई उन को न मांगे!!!

मुझ को अब तुझ से भी मोहब्बत नहीं रही,
ऐ ज़िंदगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही,
बुझ गये अब उस के इंतेज़ार के वो जलते दिए,
कहीं भी आस-पास उस की आहट नहीं रही!!!

सुना है 💕इश्क़💕 से तेरी पुरानी यारी है,
एक 💎एहसान💎 कर उससे 👉क़ुसूर👈 पुछ मेरा…!!!

क़दर करलो उनकी जो तुमसे बिना मतलब की चाहत करते हैं
दुनिया में ख्याल रखने वाले कम और तकलीफ देने वाले ज़्यादा होते है!!!

प्यार में सबसे बड़ा खुशनसीब वह,
जो झुक जाए और सबसे बड़ा बदनसीब वह जो अकड़ जाए!!!

ना मुस्कुराने को जी चाहता है
ना आँसू बहाने को जी चाहता है
लिखूँ तो क्या लिखूँ तेरी याद में

मैं लोगों से मुलाक़ातों के लम्हें याद रखता हूँ
मैं बातें भूल भी जाऊं पर लहज़े याद रखता हूँ
जरा सा हट के चलता हूँ ज़माने की रवायत से
जो सहारा देते हैं वो कन्धे हमेशा याद रखता हूँ

भटकती फिरती है मोहब्बत हवस के नाम पर
दो रूहो का मिलन देखे जमाना बीत गया

रस्मों रिवाज की जो परवाह करते हैं
प्यार में वो लोग गुनाह करते हैं
इश्क वो जुनून है जिसमें दीवाने
अपनी खुशी से खुद को तबाह करते हैं

आदत नई हमे पीठ पीछे वार करने की
दो शब्द काम बोलते है पर सामने बोलते है

उम्र छोटी है तो क्या, ज़िंदगी का हरेक मंज़र देखा है
फरेबी मुस्कुराहटें देखी हैं, बगल में खंजर देखा

कल क्या खूब इश्क़ से मैने बदला लिया
कागज़ पर लिखा इश्क़ और उसे ज़ला दिया

जिंदगी की हक़ीकत सिर्फ इतनी होती है
जब जागता है इंसान तो किस्मत सोती है
इंसान जिस पर अपना हक़ खुद से ज्यादा समझता है
वो अमानत अक्सर किसी और की होती है

लोग कहते हैं किसी एक के चले जाने से जिन्दगी अधूरी नहीं होती,
लेकिन लाखों के मिल जाने से उस एक की कमी पूरी नहीं होती है

क़दर करलो उनकी जो तुमसे बिना मतलब की चाहत करते हैं
दुनिया में ख्याल रखने वाले कम और तकलीफ देने वाले ज़्यादा होते है

ये मत पूछ के एहसास की शिद्दत क्या थी
धूप ऐसी थी के साए को भी जलते देखा

बस तेरी यादों से ही है तारीफ मेरी
वर्ना ये सारा जहान तो मुझे अजनबी सा लगता है

प्यार में सबसे बड़ा खुशनसीब वह, जो झुक जाए
और सबसे बड़ा बदनसीब वह जो अकड़ जाए

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा
यादें कटती हैं ले-ले कर नाम तेरा
मुद्दत से बैठे हैं ये आस पाले कि
आज आयेगा कोई पैगाम तेरा

तेरे पास भी कम नहीं, मेरे पास भी बहुत हैं
ये परेशानियाँ आजकल फुरसत में बहुत हैं

अब जो मेरे न हो सको तो कुछ ऐसा कर देना
मैं जैसा पहले था मुझे फिर से वैसा कर देना

हीरों की बस्ती में हमने कांच ही कांच बटोरे हैं
कितने लिखे फ़साने फिर भी सारे कागज़ कोरे है

तुम लाख छुपाओ सीने में एहसास हमारी चाहत का
दिल जब भी तुम्हारा धड़का है आवाज यहां तक आई है

तू ज़ुल्म कहॉं तक ढायेगा देखें किस हद तक जायेगा
हॉं झूठ फ़ना होगा इक दिन और सच का अलम लहरायेगा

जिन्दगी की दौड़ में तजुर्बा कच्चा ही रह गया
हम सीख न पाये ‘फरेब’ और दिल बच्चा ही रह गया

मुस्करा कर देखो तो सारा जहा रंगीन है
वर्ना भीगी पलको से तो आईना भी धुधंला नजर आता है

उदासी, शाम, तन्हाई, यादे, बेचैनी
मुझे सब सौंपकर सुरज उतर जाता है पानी मे

सौ दर्द हैं महोब्बत में बस एक राहत हो तुम
नफ़रतें बहुत हैं जहाँ में बस एक चाहत हो तुम

एक तेरा नाम लेते ही
मेरे चेहरें पर मुस्कान आ जाती है
मै कितनी ही मुश्किल में क्यों ना हूं
मेरी जान में जान आ जाती है

वक़्त के मोड़ पे ये कैसा वक़्त आया है
ज़ख़्म दिल का ज़ुबाँ पर आया है
न रोते थे कभी काँटों की चुभन से
आज न जाने क्यों फूलों की खुशबू से रोना आया है

शीशे में डूब कर पीते रहे उस जाम को;
कोशिशें की बहुत मगर भुला न पाए तेरे एक नाम को

हमारी कद्र उनको होगी तन्हाईयो में एक दिन,
अभी तो बहुत लोग हैं उनके पास दिल्लगी करने को.

मुझ पर अपना इश्क यूँ ही उधार रहने दे
बड़ा हसीन है ये कर्ज मुझे अपना कर्जदार रहने दे

bewafa ki shayari

तुम्हारा दिल मिरे दिल के बराबर हो नहीं सकता
वो शीशा हो नहीं सकता ये पत्थर हो नहीं सकता

मैंने सोचा था समझोगे तुम मेरे हालात
लेकिन तुमनें तो ख़्यालात ही बदल दिए

कोई खबर नही उनकों,क्या हम पर गुज़री है
अकेले तन्हा तन्हा रातेंदर्द बन कर सीने से उतरी है

एक खता हुई है हमसें, जो तेरा दीदार कर लिया
दुसरा तो गुनाह ही हो गया, जो तुमसें ही प्यार कर लिया

कितनी आसानी से कह दिया तुमने
की बस अब तुम मुझे भूल जाओ
साफ साफ लफ्जो मे कह दिया होता
की बहुत जी लिये अब तुम मर जाओ

ये मोहब्बत के हादसे अक्सर
दिलों को तोड़ देते हैं !
तुम मंजिल की बात करते हो
लोग राहों में ही साथ छोड़ देते हैं !

हर धड़कन में एक राज़ होता है;
बात को बताने का भी एक अंदाज़ होता है,
जब तक ना लगे ठोकर बेवाफ़ाई की,
हर किसी को अपने प्यार पर नाज़ होता है।

जिनकी याद में हम दीवाने हो गए,
वो हम ही से बेगाने हो गए,
शायद उन्हें तालाश है अब नये प्यार की,
क्यूंकि उनकी नज़र में हम पुराने हो गए|

मैं लोगों से मुलाक़ातों के लम्हें याद रखता हूँ!
मैं बातें भूल भी जाऊं पर लहज़े याद रखता हूँ!
जरा सा हट के चलता हूँ ज़माने की रवायत से
जो सहारा देते हैं वो कन्धे हमेशा याद रखता हूँ!!

मुझ को अब तुझ से भी मोहब्बत नहीं रही,
ऐ ज़िंदगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही,
बुझ गये अब उस के इंतेज़ार के वो जलते दिए,
कहीं भी आस–पास उस की आहट नहीं रही.

मुझे किसी के बदल जाने का गम नही ,
बस कोई था,
जिस पर खुद से ज्यादा भरोसा था !!

समझ न सके उन्हें हम,
क्योकि हम प्यार के नशे में चूर थे,
अब समझ में आया जिसपे हम जान लुटाते थे,
वो दिल तोड़ने के लिए मशहूर थे.

यूही किसी की याद मे रोना फ़िज़ूल है,
इतने अनमोल आसू खोना फ़िज़ूल है
रोना है, तो उनके लिये जो हम पे निसार है,
उनके लिये क्या रोना जिनके आशिक़ हज़ार है!!

लोग कहते हैं किसी एक के चले जाने से जिन्दगी अधूरी नहीं होती,
लेकिन लाखों के मिल जाने से उस एक की कमी पूरी नहीं होती है.

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