love poetry in Hindi – आज हम आप के लिए प्रेम कविता हिन्दी मे ले कर आए हैं रोमांस प्रेम की भाषा है।
इस तरह आप अपने पार्टनर को यह जताते हैं कि आप उनकी परवाह करते हैं।
प्रत्येक व्यक्ति का अपना विचार होता है कि वे क्या रोमांटिक विचार कर सकते हैं। कुछ के लिए, यह दूसरे के लिए तैयार होना या फूल या गहने खरीदना होगा।
व्यक्ति को जाने बिना रोमांटिक क्या है, यह जानने का कोई तरीका नहीं है। रोमांस इस भावना से निर्मित होता है कि आप वास्तव में परवाह करते हैं।
सभी रोमांस में एक बात समान होती है; यह दूसरे व्यक्ति को दिखाना चाहिए कि आप यह पता लगाने के लिए पर्याप्त परवाह करते हैं कि उनके लिए क्या सार्थक है।
रोमांस से लेकर दोस्ती और बीच की हर चीज दुनिया में कई तरह के प्यार होते हैं। और उनमें से प्रत्येक के लिए, वहाँ एक प्रेम कविता है
उस विशेष व्यक्ति को दिखाना चाहते हैं कि आप कैसा महसूस करते हैं? इन सुंदर शब्दों को उन लोगों से साझा करें जिन्होंने इसे सबसे अच्छा कहा, या इन रोमांटिक विचारों को कहने का प्रयास करें, “आई लव यू।”
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love poetry in Hindi
इश्क़ ज़िक्र तेरा मेरी बातों में होने लगा है
तेरा हर ख्वाब आँखों में रहने लगा है सोचते हैं
हर पल बस अब तेरे ही बारे में कैसे कहूँ मुझे इश्क़ अब तुझसे होने लगा है
जब देखे वो मुझे आँखें भी मानो शर्मा सी जाती हैं
मेरी हर अदा पर उसका जैसे पहरा सा रहने लगा है
देखूं जब भी आईना मैं अक्स उसका मुझमें दिखने लगा है
रहती हूँ हर वक़्त बस उसके ही ख्यालों में और
दिल भी अजब सा धड़कने लगा है – निशि
KABHI DO HAMEIN BHI YAH MAUKA
कभी दो हमें भी यह मौका,
सजदे में तेरे झुक जाएं हम,
लेके हाथ तेरा हाथों में,
प्यार की चूड़ियाँ पहनाएं हम कभी दो हमें भी यह मौका,
कभी दो हमें भी यह मौका,
ज़ुल्फों की छाँव में रहने का,
तेरे कानों में गुफ़्तगू कहने का,
कभी दो हमें भी यह मौका,
कभी दो हमें भी यह मौका,
होठों से होठ मिलाने का,
तेरी बाहों में सो जाने का,
रात में तेरे ख्वाबों में जी लेने का,
कभी दो हमें भी यह मौका,
कभी दो हमें भी यह मौका,
शाम के एहसास का,
गहरे से जज़्बात का,
आँखों में डूब जाने का,
कभी दो हमें भी यह मौका,
कभी दो हमें भी यह मौका,
नज़्म में तुझको दिल दे जाने का,
ग़ज़ल में तेरे गीत गुनगुनाने का,
सुरों की ज़िन्दगी में तेरे शामिल हो जाने का,
कभी दो हमें भी यह मौका,
कभी दो हमें भी यह मौका,
ज़िन्दगी की मुकम्मलता का,
दुल्हन बन के तुम्हारे घर आजाने का,
सुहाग की सेज पर हमको प्यार जताने का,
कभी दो हमें भी यह मौका,
कभी दो हमें भी यह मौका,
सुबह आँख खुले तो तेरे दीदार का,
बाहों में सुलगते से जिस्म का,
मांग में तेरी सिन्दूर भर देने का,
कभी दो हमें भी यह मौका, खुदको जाता देने का,
अपना प्यार दिखने का, कभी दो हमें भी यह मौका -गौरव
देखा तो तुझे जब पहली बार मैंने,
अपनी आंखों पर न किया था एतबार मैंने,
क्या होता है कोई इतना भी खूबसूरत,
यही पूछा था खुदा से बार-बार मैंने।
तेरे नीले नीले नैनो ने किया था काला जादू मुझ पर,
यूं ही तो नहीं खो दिया था करार मैंने।
कायदा इश्क जब से पड़ा है,
इल्म बस इतना बचा है मुझ में,
फकत नाम तेरा मैं लिख लेता हूं, पढ़ लेता हूं।
आग बरसे चारों तरफ इस जमाने के लिए,
मेरी आंखों की नमी में हो पनाह किसी को छिपाने के लिए।
वो है खुदगर्ज बड़ी मैं जानता हूं,
लौट आएगी फिर से खुद को बचाने के लिए।
मिजाज हो गए तल्ख जब मतलब निकल गया,
ना हुई दुआ कबूल तो मजहब बदल गया।
वो जो कहते थे कि मेरी चाहत कि खुदा तुम हो,
कभी बदली उनकी चाहत कभी खुदा बदल गया।
चल मान लिया कोई तुझसे प्यारी नहीं होगी,
पर शर्त लगा लो तुम से भी वफादारी नहीं होगी।
तेरी बेवफाई ने मेरा इलाज कर दिया है,
पक्का अब हमें फिर से इश्क की बीमारी नहीं होगी।
प्यार जब भी हुआ तुमसे ही हुआ,
कोशिश बहुत की मैंने किसी और को चाहने की।
एक तो तेरा इश्क था ही और एक मैंने आ पकड़ा,
अब कोई कोशिश भी ना करना मुझ को बचाने की।
यह जो आज हम उजड़े उजड़े फिरते हैं,
हसरतें बहुत थी हमें भी दुनिया बसाने की।
मुझे आज भी तुमसे कोई गिला नहीं है,
दस्तूर ही कहां बचा है मोहब्बत निभाने का।
इस शहर में मुर्दों की तादाद बहुत है,
कौन कहता है कि ये आबाद बहुत है,
जुल्मों के खिलाफ यहां कोई नहीं बोलता,
बाद में करते सभी बात बहुत हैं।
मेरे छोटे से इस दिल में जज्बात बहुत हैं,
नींद नहीं है आंखों में ख्वाबों की बरसात बहुत है।
राह नहीं, मंजिल नहीं, पैर नहीं कुछ भी नहीं,
मुझे चलने के लिए तेरा साथ बहुत है।
दूर होकर भी तू मेरे पास बहुत है,
सगा तो नहीं मेरी पर तू खास बहुत है।
जिनकी टूट चुकी उनको छोड़ो बस,
हमें तो आज भी उनसे आस बहुत है।
love poetry in Hindi 2023
तू बस यूं ही सामने से आया जाया कर,
मुझे चाहे ना देख पर मुस्कुराया कर।
तेरे आने से पहले मुझे तेरी आहटें भी महसूस होती हैं, इतनी मोहब्बत कम तो नहीं।
नहीं दरख्वास्त कि आ बैठ मेरे सामने,
और कर गुफ्तुगू जैसे करते हैं ये जहां वाले,
और मुस्कुरा के मेरा हाल ही ले पूछ।
इतनी मोहब्बत कम तो नहीं।
तुझे देखा करूं तो ऐसे तू मुस्कुराती रहना,
तुझसे बिन जताए मैं इश्क कर बैठू।
इतनी मोहब्बत कम तो नहीं।
रहो मशगूल चाहे तुम किसी भी महफिल में,
तुझे देखूं, तुझे सोचूं, तुझे चाहूं,
इतनी मोहब्बत कम तो नहीं।
मेरे जाने के बाद वो भी मुझे छुप-छुप कर देखती तो है,
थोड़ी ही सही पर वो मोहब्बत करती तो है।
इतनी मोहब्बत कम तो नहीं।
वो इस तरह तो बोलती बहुत है,
महफिलों में खिलखिलाती भी बहुत है,
पर जब भी हो हम से आंखें चार,
खुदा कसम वो शर्माती बहुत है।
इतनी मोहब्बत कम तो नहीं।
Hindi Poems on Love
भरी भरी सी हैं ज़िन्दगी, भावो में बहने लगा हूँ
हाँ मैं तेरे प्यार में फिर से पड़ने लगा हूँ
सोचा रुक जाएगी ज़िन्दगी, जब उसने मेरे दिल को तोडा
लेकिन तूने आके मेरी ज़िन्दगी में इसका टुकड़ा टुकड़ा जोड़ा
सपने लेने छोड़ दिया था, लगा था तनहा सा रहने
अब तू मिली ज़िन्दगी में और तेरे सपने के सागर में लगा हूँ बहने
भरी भरी सी हैं ज़िन्दगी, भावो में बहने लगा हूँ….
चली गयी थी चेहरे की हंसी आने लगे थे दुःख
तुम मिली ज़िन्दगी में अब सच हैं सारे सुख
प्यार एक शब्दो का खेल हैं. ऐसा लगा था सबसे कहने
आज तो फिर से प्यार हो गया और लगा हूँ तेरे ख्वाबो में रहने
भरी भरी सी हैं ज़िन्दगी, भावो में बहने लगा हूँ….
Love poetry In Hindi
हुआ था हमे भी प्यार कई बार
लेकिन एक बार में एक से ही हुआ था इकरार
दिल तभी खोजा दूजा, जब मिला था प्यार में इंकार
जोड़ना था दिल हमे हर बार, लेकिन ये टूट ही जाता बार-बार
कभी उम्र ने इज़ाज़त नहीं दी तो कभी मजबूरियों ने मारा था
कसम उस खुदा की हरबार पूरी शिद्धत से हमने मोहब्बत निभाया था
हुआ था हमे भी प्यार कई बार;
कभी प्यार को हम समझ नहीं पाए
कभी प्यार ने हमे खुद ही खूब समझाया था;
चलती रही खेल यूँ ही मेरे और प्यार के बिच
कभी मै तो कभी प्यार ने मन बहलाया था
लेकिन दिल था मेरा जो अधूरा रहा हर बार
हुआ था हमे भी प्यार कई बार
चाहा उसको जो कभी मिल ही न पाया
जो मिला, उसको संभाल नहीं पाया
चलता रहा खेल यूँ ही मेरे और प्यार के बिच
कभी मै तो कभी प्यार ने मन बहलाया था
लेकिन दिल मेरा हमेशा प्यार को तरसता रहा
थी क्या कमी मुझमे जो दिल को कभी भी मैं जोड़ न पाया था
ईमानदार था कई बार फिर भी प्यार में धोखा ही खाया था
Love Poem In Hindi
शायद मेरी गलती की सजा मिली दिल लगी का जुर्म हमने जो किया था.
दिल तो गवाया ही था जान भी गवाने का मौक़ा आया था.
Love Poem In Hindi
हुआ था हमे भी प्यार कई बार
कभी हद से ज्यादा पाया तो कभी प्यार ने सिर्फ ललचाया था.
love poetry in Hindi
रूठना तो हमे भी आता हैं
लेकिन मनाने कहा कोई आता हैं
घुटते रहे दर्द को पीते रहे खुद ही
फिर भी खुशियाँ सबमे बार-बार बांटता हैं
अकेले में खुद ही आशु बहाता हैं
रूठने का फायदा ही क्या
जो दिल की कही वो नहीं कोई सुन पाता हैं
रूठे धरती का प्यास बुझा बादल उसे मनाता है.
तितली और भवरो को मनाने फूल हर रोज खिल खिलाते हैं
नदियों की जिद पूरी करने के लिए पहाड़ भी रास्ता बनाता हैं
एक हम है जिसे मनाने कहा कोई आता हैं…
फूल न हो तो भवरो का क्या काम
बिन बरसात मयूरी भी हो जाती उदास
कैसा सावन जिसमे ना हो बरसात
रूठे ही क्यों जब कोई मनाने नहीं आता हैं
लाख दर्द के बिच भी मुस्कुराना सीखा हमने
फिर कभी इश्क़ नहीं करने का कसम खाया हमने
रूठना हमे भी आता हैं
लेकिन मनाने कहा कोई आता हैं
काश होता कोई राहो में साथ निभाता
रूठने से पहले ही हमे मनाता
करते कुर्बान पूरी जिंदगी उस पर
काश कोई तो प्यार लुटाती हम पर
कहने से पहले ही समझ जाती
Love Poetry In Hindi
एक गलफहमी सी होने लगी थी,
हवाएं मानो मेरी उम्मीदें ढोने लगी थी,
ये बदलता मौसम था मुझमे होना,
यह मोहब्बत था या दिल का मेरा अहकना,
जब प्यासी धरती को आकाश में उमड़ते बादलो से आस होने लगी थी,
वही मै उसके इरादों में महफूज होने लगी थी,
वह था बड़ा ही खुशगवार लम्हा,
इश्क़ हम दोनों को हुआ हैं,
तब ये गलफहमी सी होने लगी थी,
वह लिखता था नाम मेरे, मैं उसको गाने लगी थी,
मतलब में था वो शायद, मै उसकी होने लगी थी,
वो दुनिया से लड़ने में लगा था, मैं सपने सजाने लगी थी,
बड़ी मासूम थी उन दिनों मैं,
उसके वायदों को जिंदगी समझने लगी थी,
वो दिल में बस रहा था और मैं खुद से दूर होने लगी थी।
मिल जायेंगे एक रोज हम,
तब ये ग़लतफहमी सी होने लगी थी.
Love Poetry In Hindi.
Poem On Love In Hindi
मुझे अपने हर दर्द का हिस्सेदार बना लो
दिल में नहीं तो ख्वाबो में ही बसा लो,
यादो में नही तो अपनी ख्यालो में ही बसा लो,
अपना एक सच्चा अहसास बना लो।
कुछ इस तरह मुझे अपने में मिला लो,
की अपने हृदय की धड़कन बना लो,
छुपा लो सारी दुनिया से मुझे ऐसे,
की अपना गहरा राज बना लो,
कर लो मुझसे इश्क़ इतनी,
की अपनी हर चाहत का अंजाम बना लो,
ढक लो मुझे अपनी जुल्फों से इस कदर,
की मुझे अपना सारा संसार बना लो,
बन जाऊ मै भंवरा आप फूल बन जाओ,
बन जाऊ मैं चाँद आप मेरी चाँदनी जाओ,
रख दो अपना हाथ मेरे हाथ में इस तरह,
की मुझे अपने जीवन का हमसफ़र बना लो…
love poetry in Hindi
प्रेम पर कुछ हिंदी कविता
लिखता रहूं तुझे मै जीवन भर
मैं लेखक तो लेखनी तुम बन जाओ
हो अंतर बस इतना की
मैं कलम तो तुम स्याही प्रिये
लिखूं चाहे जो भी मैं
मेरे शब्दों के अर्थ बन जाओ
प्रेम पर कुछ बेहतरीन हिंदी कविता
मेरा तुम्हारा कारवाँ बस ऐसे ही चलता रहे
शब्दों को जन्म देने के लिए सदियों से कलम चली हो जैसे
सुख-दुःख लाभ-हानि, जय-पराजय सबमें समानता तुमने बताया हैं प्रिय
तेरे प्रेम ने ही वैरागी हमे बनाया हैं,
लेखक पीछे छूट गया उसकी जगह
खुद में अब प्रेमी को पाया हैं मैंने
मिल जाये जो साथ तुम्हारा
लिखेंगे हम भी अपनी प्रेम गाथा
शब्दों को जोड़-जोड़ अपनी कहानी बनायेंगे,
शब्दों को कुछ इस तरह सजांयेंगे की,
प्रेम ग्रन्थ में सबसे पहले अपनी प्रेम कहानी को पाएंगे।
love poetry in Hindi
सँवारेंगे मुहब्बत से, वफ़ा की दर-दीवारों को
सदा देंगे मुहब्बत से, फलक के चाँद तारो को
हमारा दिल बहारो में नये गुलशन सजा लेगा
इन्ही खारो को अपनी खाकसारी ही ला देगा
बसा देंगे मुहब्बत से, कली के संग कहारों
को सदा दंगे मुहब्बत से, फलक के चाँद-तारो को
मुकद्दर साथ जो दे दे, मुकम्मल रौशनी होगी
उम्मीदों के समंदर में इबादत की जमीं होगी
मना लेंगे मुहब्बत से, उन उफनते किनारों को
सदा देंगे मुहब्बत से, फलक के चाँद-तारो को
ए हमदम हाथ दे देना, निकलना हैं तुफानो से
तुम्ही से हैं सुकून दिल का, निकलना हैं विरानो से
मिटा देंगे मुहब्बत से, दिलों की हम दरारों को
सदा देंगे मुहब्बत से, फलक के चाँद-तारों को
सँवारेंगे मुहब्बत से, वफ़ा की दर-दीवारों को
सदा देंगे मुहब्बत से, फलक के चाँद-तारों को।
Latest love poetry in Hindi
हो सके तो लौट आना
हो सके तो लौट आना की जान जाती हैं
हो सके लौट आना तक अभी तक उलझने बाकी हैं;
हो सके तो लौट आना तुम्हारा इन्तजार आज भी वैसा हैं
हो सके तो लौट आना की ये घबराहट आज भी हैं,
हो सके तो लौट आना की साँसे अब नहीं आती हैं,
हो सके तो लौट आना की बेकरारी आज भी बाकी हैं;
हो सके तो लौट आना ये प्यार तुम्हारे लिए आज भी बाकी हैं.
हो सके…
Latest love poetry in Hindi
सुनो… यूँ “चुप” से न रहा करो,
यूँ “खामोश” से जो हो जाते हो,
तो दिल को “वहम” सा हो जाता है,
कहीं “खफा” तो नही हो..??
कहीं “उदास” तो नही हो…??
तुम “बोलते” अच्छे लगते हो,
तुम “लड़ते” अच्छे लगते हो,
कभी “शरारत” से, कभी “गुस्से” से,
तुम “हँसते” अच्छे लगते हो,
सुनो… यूँ “चुप” से ना रहा करो।
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